तेजस्वी का दावा: 18 नवंबर को नई सरकार की शपथ, एग्जिट पोल को बताया ‘मनोवैज्ञानिक दबाव’
बिहार विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है और अब सभी को 14 नवंबर को आने वाले चुनाव परिणामों का बेसब्री से इंतजार है। दूसरे चरण के मतदान के बाद जारी हुए चुनावी सर्वेक्षणों (एग्जिट पोल) ने राज्य में एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनने के संकेत दिए हैं, जिससे बिहार का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है।
इसी बढ़ते सियासी तापमान के बीच, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सर्वेक्षणों को खारिज कर दिया। उन्होंने इन्हें ‘मीडिया प्रॉपगेंडा’ और ‘मनोवैज्ञानिक दबाव’ बनाने का हथियार करार दिया।
तेजस्वी यादव ने दृढ़ता से कहा कि इस बार बिहार की जनता ने ऐतिहासिक रूप से बदलाव के लिए मतदान किया है, और 18 नवंबर को नई सरकार की शपथ तय है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस चुनाव में जो फीडबैक मिला है, वह बेहद सकारात्मक है, और यह प्रतिक्रिया 1995 के चुनाव से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि जनता नीतीश कुमार की सरकार से ऊब चुकी है और इस बार बिहार में महागठबंधन की सरकार ही बनेगी।
राजद नेता ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एग्जिट पोल लाए जाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, मतगणना में लगे अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए ये सर्वे जारी किए गए हैं। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा और एनडीए बौखलाहट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग कतारों में वोट डाल रहे थे, तभी एग्जिट पोल दिखाए जाने लगे, जो लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है।
तेजस्वी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “हकीकत यह है कि बिहार में इस बार कलम वाली सरकार बनेगी, नौकरी वाली सरकार आएगी।” उन्होंने अपनी पार्टी और गठबंधन सहयोगियों को सतर्क रहने का आह्वान किया और कहा कि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बेईमानी हुई तो जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर मतगणना की प्रक्रिया को धीमा करने की साजिश रचने के आरोप भी लगाए। तेजस्वी ने यह भी कहा कि सेना से फ्लैग मार्च करवाकर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की जा रही है।
अपनी जीत के प्रति आश्वस्त तेजस्वी ने दावा किया कि इस बार मतदान में 72 लाख से अधिक वोट पड़े हैं, जो जनता के मूड और बदलाव की इच्छा का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग बढ़ी है और यह वोट बदलाव के लिए ही पड़ा है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि 14 तारीख को नतीजे आएंगे और 18 नवंबर को नई सरकार शपथ लेगी, यह तय है।
