ताजमहल की सुंदरता बनी आगरावासियों के लिए अभिशाप, लोकसभा में उठी मांग
आगरा का विश्व प्रसिद्ध ताजमहल अपनी बेमिसाल वास्तुकला और खूबसूरती के लिए जाना जाता है, जो हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। लेकिन, इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए लागू किए गए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के कड़े नियम शहर के औद्योगिक विकास में बाधक बन गए हैं। इन नियमों के चलते आगरा में नए उद्योगों और कारखानों की स्थापना लगभग नामुमकिन हो गई है।
इस प्रतिबंध का सबसे गंभीर परिणाम यह है कि आगरा के युवा रोजगार के अवसरों की कमी से जूझ रहे हैं। शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी उन्हें अपने ही शहर में बेहतर भविष्य की तलाश में पलायन करना पड़ता है। यह स्थिति शहर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
हाल ही में, फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आगरा की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और उत्कृष्ट रोड कनेक्टिविटी की ओर दिलाया। आगरा यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित ग्वालियर एक्सप्रेसवे और जयपुर हाईवे जैसे प्रमुख मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जो इसे देश के बड़े महानगरों से जोड़ता है।
सांसद चाहर ने तर्क दिया कि जब औद्योगिक विकास पर प्रतिबंध है, तो शहर के विकास का सबसे व्यवहार्य और व्यापक विकल्प एक प्रमुख आईटी हब की स्थापना हो सकता है। इस कदम से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आगरा को एक आधुनिक और आर्थिक रूप से सशक्त शहर के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
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