कानपुर में 110 बच्चों का हुआ स्वर्णप्राशन संस्कार, जानें आयुर्वेद का महत्व
कानपुर में आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक के निर्देशन में एक दिवसीय निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 110 बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार से लाभान्वित किया गया। यह कार्यक्रम आरोग्य क्लीनिक, सीएसजेएम यूनिवर्सिटी स्वास्थ्य केंद्र और राजकीय बाल गृह में संपन्न हुआ।
आयुर्वेद की महत्वपूर्ण विधा
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) की सचिव आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने बताया कि स्वर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधा है। उन्होंने यह भी बताया कि फाल्गुन मास, जो शीत ऋतु के अंतिम चरण और वसंत ऋतु के आगमन का सूचक है, इस दौरान हल्का, सुपाच्य और कफनाशक आहार लेना चाहिए। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और ऋतु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस अवसर पर राजकीय बाल गृह की शिक्षिका सुमन, स्वास्थ्य केंद्र की सिस्टर ऊषा, धर्मेंद्र, सावित्री, निशा और शेखर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस संस्कार का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है, जो भविष्य में उनके स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
कानपुर हैलट में महिला डॉक्टर पर टिप्पणी, गार्ड को छात्रों ने पीटा | kanpur news
कानपुर में 11 जोड़ों का दहेज रहित सामूहिक विवाह संपन्न, समाज को दिया संदेश
कानपुर मेट्रो कॉरिडोर 2 में पटरियां बिछाने का काम शुरू, city infrastructure पर होगा असर
सीएसजेएमयू की शतरंज टीम ने जीता सिल्वर मेडल, आस्था सिंह का अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए चयन
कानपुर: 40 हजार पेंशनरों को होली से पहले नहीं मिली पेंशन, bank system में आई दिक्कत
कानपुर होली उत्सव: गंगा मेले को भव्य बनाने की मांग, जानिए कब होगा आयोजन
सीएसजेएमयू में 61 शिक्षकों को मिला सीवी रमन रिसर्च ग्रांट, महिला वैज्ञानिकों को विशेष प्रोत्साहन
कानपुर: नशे की लत से तंग आकर अधेड़ ने की आत्महत्या, परिवार में मचा कोहराम
