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उत्तराखंड में खेल पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, टिहरी झील से कोटेश्वर तक बनेगा इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स कारीडोर

By Jan 23, 2026

देवभूमि उत्तराखंड की पहचान अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहने वाली। पहाड़ों के बीच फैली झीलों की शांत लहरें अब उत्तराखंड को वाटर स्पोर्ट्स का अंतरराष्ट्रीय हब बनाने जा रही हैं।

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने इसकी तैयारी तेज कर दी है। टिहरी झील से कोटेश्वर तक एक ऐसा विश्व स्तरीय खेल केंद्र विकसित किया जाएगा, जो आने वाले वर्षों में देश में वाटर स्पोर्ट्स का सबसे बड़ा हब बनेगा। टिहरी बांध से बनी विशाल टिहरी झील अपने स्थिर जलस्तर, लंबे जलक्षेत्र और सुरक्षित प्राकृतिक ढांचे के कारण कयाकिंग, कैनोइंग और अन्य जलक्रीड़ाओं के लिए बेहद उपयुक्त है। यही वजह है कि टीएचडीसी ने बीते कुछ वर्षों में यहां राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कर टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स मैप पर बड़ी पहचान दिलाई है।

अब केंद्र सरकार के निर्देश पर टिहरी झील के साथ-साथ कोटेश्वर क्षेत्र को जोड़कर संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स कारीडोर की तरह विकसित किया जाएगा, ताकि यहां प्रशिक्षण, प्रतियोगिता के साथ ही स्पोर्ट्स टूरिज्म आगे बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो उत्तराखंड खासकर टिहरी वाटर स्पोर्ट्स का सबसे बड़ा केंद्र होगा।

भारतीय कयाकिंग एवं कैनोइंग संघ और उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सहयोग से टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कई वाटर स्पोर्ट्स के लिए सुविधाएं विकसित करने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसमें कैनो स्प्रिंट, कैनो स्लालोम, ड्रैगन बोट-कैनो मैराथन, कैनो पोलो, पैराकैनो आदि खेल शामिल हैं। इन खेलों के लिए सुविधाएं विकसित करने का उद्देश्य उत्तराखंड को ओलंपिक-स्तरीय तैयारी का स्थायी केंद्र बनाना है।

इस योजना की रीढ़ कोटेश्वर है। यहां टीएचडीसी द्वारा स्थापित हाई परफार्मेंस अकादमी (कयाकिंग व कैनोइंग) में खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे मंचों के लिए तैयार किया जा रहा है। खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग, तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर, कोच व विशेषज्ञों की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। टिहरी झील पर बीते वर्षों में कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं, जिनमें टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप, इंटरनेशनल कयाकिंग एवं कैनोइंग प्रेसीडेंट कप के अलावा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप हो चुकी हैं। इन आयोजनों में 20 से अधिक देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी ने टिहरी को वैश्विक पहचान दिलाई है।

इस पहल से न केवल उत्तराखंड में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वाटर स्पोर्ट्स के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।

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