सिरसा जेल वार्डन आत्महत्या: DSP पर गंभीर आरोप, सुसाइड नोट में छलका दर्द; Haryana crime news
सिरसा की जिला जेल में एक जेल वार्डन, सुखदेव सिंह, की जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई मौत ने जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। वार्डन ने कथित तौर पर आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने डीएसपी जेल सुरक्षा और लाइन ऑफिसर पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद, पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयानों और सुसाइड नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, सुखदेव सिंह 31 दिसंबर की रात जेल में ड्यूटी पर था। इसी दौरान उसका सहकर्मियों और अधिकारियों से दुर्व्यवहार हुआ, जिसके बाद उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया। अगले दिन, 1 जनवरी की शाम को, उसने जेल क्वार्टर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आत्महत्या से पहले, सुखदेव सिंह ने अपने परिवार को फोन कर अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने की बात कही थी और सुसाइड नोट छोड़ने की जानकारी भी दी थी। मूल रूप से फतेहाबाद जिले के हिजरावां गांव का रहने वाला सुखदेव सिंह लंबे समय से सिरसा जिला जेल में कार्यरत था। वह लगातार नाइट ड्यूटी से परेशान था और इसे बदलवाने के लिए उसने अधिकारियों से निवेदन भी किया था, लेकिन उसकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वह अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर रहा है और उसने जेल अधीक्षक से न्याय की गुहार भी लगाई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक हृदय रोग से भी पीड़ित था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शुक्रवार शाम तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था, लेकिन पुलिस के अनुसार शनिवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
