UP में बिजलीकर्मियों को झटका! 31 दिसंबर तक आवास पर लगवाना होगा स्मार्ट मीटर, विरोध करने पर होगी FIR
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने सभी बिजलीकर्मियों को 31 दिसंबर तक अपने आवासों पर स्मार्ट मीटर लगवाने का आदेश दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य बिजली खपत की निगरानी करना है, क्योंकि वर्तमान में बिजलीकर्मियों को बहुत कम फिक्स चार्ज पर असीमित बिजली मिलती है।
बिजली निगम ने स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी जूनियर मीटर टेस्टर (जेएमटी) को दी है। सभी जेएमटी को उनके क्षेत्र में रहने वाले सेवानिवृत्त और कार्यरत बिजलीकर्मियों की सूची सौंप दी गई है। हालांकि, मीटर लगाने पहुंचने जेएमटी को विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर बिजलीकर्मी स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर रहे हैं। बिजली निगम की ओर से कहा गया है कि 31 दिसंबर तक लक्ष्य पूरा न करने वाले जेएमटी को निलंबित कर दिया जाएगा।
बिजलीकर्मियों का कहना है कि प्रबंधन फिक्सचार्ज बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहा है। यह सब निजीकरण की ओर बढ़ा कदम है। इसके बाद अवर अभियंता को प्रति माह पांच हजार रुपये से ज्यादा का बिजली का बिल देना पड़ सकता है। वर्तमान में जेई (अवर अभियंता) को महीनेभर बिजली का इस्तेमाल करने के लिए 888 रुपये, एई (सहायक अभियंता) को 1092 और मुख्य अभियंता को 1836 रुपये ही देने पड़ते हैं, भले ही कितनी भी बिजली इस्तेमाल की गई हो।
बिजली निगम के अभियंताओं का कहना है कि जो सेवानिवृत्त या वर्तमान बिजलीकर्मी स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। यदि जेएमटी या किसी अन्य अभियंता से बदसलूकी होती है तो इसकी भी एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। फिलहाल बातचीत से रास्ता निकालने को कहा गया है, लेकिन यदि कोई जिद पकड़ेगा तो कार्रवाई का रास्ता खुला रखने को कहा गया है।
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