महू में शर्मनाक घटना: एंबुलेंस में डिलीवरी के बाद परिजनों से धुलवाया खून, स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 108 एंबुलेंस में प्रसव के बाद फैले खून की सफाई एंबुलेंस स्टाफ ने खुद करने के बजाय गर्भवती महिला के परिजनों से करवाई। परिजनों का यह भी कहना है कि सफाई किए बिना मां और नवजात को इंदौर ले जाने से मना कर दिया गया था, जिससे वे मजबूर हो गए।
घटना के अनुसार, ग्राम भगोरा निवासी गायत्री को प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस से महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में महिला की डिलीवरी हो गई। नवजात की नाजुक हालत को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल इंदौर रेफर करने की सलाह दी।
परिजनों का आरोप है कि जब मां और नवजात का उपचार अस्पताल में चल रहा था, तभी 108 एंबुलेंस के पायलट और कंपाउंडर ने महिला की ननद से एंबुलेंस की सफाई करवाई। डिलीवरी के दौरान फैले खून को साफ करने के लिए पूजा भाटिया ने नल से पानी लाकर एंबुलेंस को धोया और पोछा लगाया। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस चालक और कंपाउंडर ने स्पष्ट कहा था कि वाहन साफ होने के बाद ही वे इंदौर के लिए रवाना होंगे।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही और संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाया है। ऐसे मामले सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को दर्शाते हैं और तत्काल सुधार की आवश्यकता पर बल देते हैं।
मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ. मधुकर शुक्ला ने प्राथमिक जांच में 108 जननी एंबुलेंस स्टाफ की गलती मानी है और कहा है कि रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. योगेश सिंगारे ने इसे गंभीर मामला बताते हुए 108 एंबुलेंस के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
