शाहजहांपुर लूटकांड: स्थानीय पुलिस की नाकामी, लखनऊ STF ने दबोचे दो लुटेरे
शाहजहांपुर: जिले में हुई तीन लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में स्थानीय पुलिस की नाकामी के बाद लखनऊ एसटीएफ टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। छह नवंबर को सहकारी संघ के सचिव नरेंद्र कुमार से हुई लूट के दो मुख्य आरोपियों को एसटीएफ ने धर दबोचा है। इस कार्रवाई ने जहां एक ओर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश भी दिया है।
यह घटना छह नवंबर को हुई थी, जब चौक कोतवाली क्षेत्र के आनंदपुरम कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार चांदापुर सहकारी संघ समिति पर सचिव हैं। वह खाद बिक्री के तीन लाख रुपये एक बैग में रखकर अपने साथी आदित्य सक्सेना के साथ घर लौट रहे थे। सेहरामऊ दक्षिणी के सरौरा गांव और रामचंद्र मिशन क्षेत्र के बिजलापुर गांव के बीच दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इसके बाद बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख लूट लिए थे।
लूट की वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक ने लुटेरों को पकड़ने के लिए एसओजी समेत चार विशेष टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने लगातार कई स्थानों पर दबिश दी और अपराधियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिल पाई। स्थानीय पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद लुटेरे उनकी पकड़ से बाहर रहे, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया था।
स्थानीय पुलिस की असफलता के बाद लखनऊ एसटीएफ टीम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। रविवार को एसटीएफ की टीम ने चांदापुर गांव के पास से ही दो लुटेरों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरदोई के पाली क्षेत्र के हडहा मलकापुर गांव निवासी रवि मिश्रा और अल्हागंज के सपहा गांव निवासी गोपाल उर्फ मनीष ठाकुर के रूप में हुई है। एसटीएफ ने इनके पास से 25 हजार रुपये नकद, एक तमंचा और खाद स्टॉक रजिस्टर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, जिससे लूट के इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह काफी सक्रिय है और इसके अन्य सदस्यों की तलाश में भी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। इस सफलता से उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूट के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
