SGPC ने पंजाब सरकार पर लगाया शहीदी दिवस के आयोजनों के राजनीतिकरण का आरोप
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने पंजाब सरकार पर 350वें शहीदी दिवस के कार्यक्रमों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का तीखा हमला बोला है। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्न ने सोमवार को पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह चुनावों को नज़दीक देखकर धार्मिक आयोजनों का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई शताब्दियां बीत गईं, लेकिन तब सरकारें शांत रहीं।
मन्न ने जोर देकर कहा कि एसजीपीसी सिखों की एक ‘मिनी पार्लियामेंट’ है और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना उसका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकारों का काम ऐसे आयोजनों में सहयोग देना होना चाहिए, न कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करना। उनका मानना है कि पंजाब सरकार धार्मिक मंचों का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
एसजीपीसी के मुख्य सचिव ने दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी, ज्ञानी रघुबीर सिंह को लंबी छुट्टी दिए जाने के मामले पर भी सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि ज्ञानी रघुबीर सिंह ने पहले भी छुट्टी का अनुरोध किया था, जो उस समय स्वीकार नहीं किया गया था। अब उन्हें चार महीने की छुट्टी मंजूर की गई है, जिसका उपयोग वे धर्म प्रचार के कार्य में करेंगे। इस निर्णय को भी एसजीपीसी ने सरकार की ओर से धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी का एक और उदाहरण बताया।
यह आरोप उस समय लगे हैं जब पंजाब में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और विभिन्न राजनीतिक दल आगामी चुनावों के मद्देनजर अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। एसजीपीसी, जो सिख समुदाय के धार्मिक मामलों की प्रमुख संस्था है, ने हमेशा अपने अधिकारों और स्वायत्तता को लेकर मुखर रुख अपनाया है। हाल के दिनों में, एसजीपीसी ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार के साथ अपना मतभेद व्यक्त किया है, जिसमें सिख अधिकारों की रक्षा और धार्मिक संस्थानों की स्वतंत्रता शामिल है।
