उत्तर प्रदेश में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर संगोष्ठी, कुशल प्रशासक के रूप में हुए याद | Shivaji Maharaj
उत्तर प्रदेश के नवयुग कन्या महाविद्यालय में हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर एक महत्वपूर्ण वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महान मराठा योद्धा और प्रशासक के जीवन, त्याग और रणनीतियों को याद करना था। संगोष्ठी में वक्ताओं ने `Shivaji Maharaj` के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी एक सुदृढ़ साम्राज्य की नींव रखी।
मुख्य वक्ता क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज ने अपने संबोधन में कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन त्याग, बलिदान और ओजपूर्ण रहा है। उन्होंने मुगल आक्रमणों के दौर में हिन्दू पदपादशाही की स्थापना की और एक-एक कर सभी चुनौतियों को व्यवस्थित किया। मनोज ने शिवाजी को एक कुशल प्रशासक, रणनीतिकार और मातृभक्त के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने साम, दाम, दंड और भेद की चार प्रकार की रणनीतियों को प्रमुखता से अपनाया।
विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस बात पर जोर दिया कि हमें शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र और उनके कुशल शासन प्रबंधन से सीखना चाहिए और उन सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने शिवाजी महाराज को एक कुशल कूटनीतिज्ञ बताया और कहा कि उनकी शासन पद्धति से हम सभी को सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर उत्तिष्ठ सेवा संस्थानम् संस्था की विवरणिका का विमोचन भी किया गया। संगोष्ठी में लगभग तीन सौ लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने शिवाजी महाराज के आदर्शों को समझने और अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
