लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में कानपुर देहात में कांग्रेस का सत्याग्रह, UP Politics गरमाई
उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। हाल ही में लखनऊ में कांग्रेस के विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अब राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर देहात की जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को अकबरपुर स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे सत्याग्रह किया। यह प्रदर्शन दो दिन पहले राजधानी में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ था, जिसने UP Politics में हलचल मचा दी है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लखनऊ में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। मनरेगा बचाओ अभियान के तहत यह शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला जा रहा था, लेकिन सरकार ने इसे रोकने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस घटना में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ता और नेता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रदेश अध्यक्ष के हाथ और शरीर के कई अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
जिलाध्यक्ष अमरीश सिंह गौर की अगुवाई में हुए इस सत्याग्रह में कांग्रेस नेताओं ने सरकार के इस “दमनकारी कृत्य” की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर वे सरकार को सद्बुद्धि देने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को इस तरह से न दबाया जाए। इस सत्याग्रह में विमल शुक्ला, केजी पांडेय, रमाकांत शुक्ला, मनोरमा संखवार, बसंत लाल, बृजेंद्र यादव, गोविंद यादव, नीलम दिवाकर, पिंटू दिवाकर, राजेंद्र सचान, धर्मवीर संखवार, सोनू गौतम और जगदीश यादव एडवोकेट जैसे प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह घटना आम जनता के बीच भी सरकारी दमन के खिलाफ चर्चा का विषय बनी हुई है।
