सोरों में मार्गशीर्ष मेला शुरू, हरिपदी किनारे साधु-संतों ने जमाई धूनी
तीर्थ नगरी सोरों में 29 नवंबर से प्रारंभ होने वाले ऐतिहासिक मार्गशीर्ष मेले की रौनक दिखने लगी है। पवित्र हरिपदी गंगा के किनारे साधु-संतों ने अपनी धूनी रमा ली है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया है। मेला परिसर में दुकानदार और विभिन्न प्रकार के खेल तमाशे वाले भी अपनी दुकानें और स्टॉल लगाने लगे हैं, जो मेले के शुभारंभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि मेला शुरू होने से पहले सभी दुकानें, झूलों और अन्य आकर्षणों को व्यवस्थित तरीके से स्थापित कर दिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सोमवार की दोपहर कासगंज के एसडीएम सोरों पहुंचे। उन्होंने हरिपदी गंगा के किनारे धूनी रमाए बैठे साधु-संतों से मुलाकात की और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। एसडीएम ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि साधु-संतों के लिए सर्दी से बचाव हेतु अलाव की व्यवस्था लगातार जारी रखी जाए। साथ ही, उनके निवास स्थान पर प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए।
इस बीच, कासगंज की सीओ आंचल चौहान ने भी मेला मैदान का दौरा किया। उन्होंने मेला में आए दुकानदारों और खेल तमाशे वालों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सीओ ने मेला मैदान में मौजूद कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिए कि रात के समय मेला क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और पुलिस की पिकेट तैनात की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने मेला में पहुंचे दुकानदारों से भी संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह मार्गशीर्ष मेला सोरों की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। प्रशासन इस वर्ष मेले को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
