सोरों में मार्गशीर्ष मेला: श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, हरिपदी गंगा में स्नान का विशेष महत्व
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित तीर्थ नगरी सोरों इन दिनों मार्गशीर्ष मेले के उल्लास में डूबी हुई है। देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर हरिपदी गंगा में पवित्र स्नान का लाभ उठा रहे हैं। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक मेलजोल का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।
मेले का मुख्य आकर्षण हरिपदी गंगा है, जहाँ श्रद्धालु सूर्योदय के साथ ही स्नान के लिए पहुंचने लगते हैं। गंगा स्नान के पश्चात, भक्तजन गंगा किनारे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और फिर मेला परिसर की ओर रुख करते हैं। यहाँ उन्हें विभिन्न प्रकार की वस्तुएं खरीदने का अवसर मिलता है। भगवान वराह और हरिपदी के प्राचीन मंदिरों में दर्शन पूजन का भी विशेष महत्व है, जहाँ भक्तों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।
शुक्रवार को मेले में विशेष भीड़ देखी गई। सुबह से ही हरिपदी गंगा का घाट श्रद्धालुओं से भर गया था। लोगों ने गंगाजल से अर्घ्य दिया और मंदिरों में माथा टेका। दोपहर बाद, मेला मैदान में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी। महिलाओं और पुरुषों ने अपनी आवश्यकता की वस्तुओं की खरीदारी की। बच्चों और महिलाओं के बीच झूले का विशेष आकर्षण रहा, जहाँ वे खुशी-खुशी झूलते हुए नजर आए। आम जरूरत की वस्तुओं से लेकर सजावटी सामान तक, मेले में हर किसी के लिए कुछ न कुछ उपलब्ध है।
देर शाम तक मेले में चहल-पहल बनी रही। स्थानीय निवासी भी शाम के समय परिवार के साथ मेला देखने पहुंचे। कंबल की दुकानों पर लोगों ने विशेष रुचि दिखाई, जो सर्द मौसम को देखते हुए एक समझदारी भरी खरीदारी साबित हुई। मेले का यह उत्साह अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है, जो सोरों को एक जीवंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
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