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सोनीपत शुगर मिल में पेराई सीजन शुरू, पर गन्ने की कमी से ठप हुआ काम

By Dec 6, 2025

सोनीपत शुगर मिल में पेराई सीजन शुरू होने के अगले ही दिन मशीनों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे किसानों और मिल प्रबंधन के बीच चिंता का माहौल है। कामी रोड स्थित इस मिल में पेराई सीजन का शुभारंभ गुरुवार को हुआ था, लेकिन शुक्रवार शाम तक यार्ड में गन्ने की अपेक्षित आवक न होने के कारण मशीनों को रोक दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, किसानों को कुल 65,000 क्विंटल गन्ने की पर्चियां जारी की गईं थीं, लेकिन शुक्रवार शाम तक मिल के यार्ड में केवल 12,000 क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया। मिल की दैनिक पेराई क्षमता 22,000 क्विंटल है, और सुचारू रूप से पेराई शुरू करने के लिए यार्ड में न्यूनतम 20,000 क्विंटल गन्ने की उपलब्धता आवश्यक है। गन्ने की इस भारी कमी के चलते अगले दो-तीन दिनों तक पेराई को रोकने की नौबत आ सकती है।

इस साल मरम्मत कार्य में देरी के कारण पेराई सीजन तय समय से विलंब से शुरू हुआ था। उद्घाटन के बावजूद, गन्ने की कम आवक ने मिल के संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस समस्या से निपटने के लिए, मिल प्रशासन ने शुक्रवार को एक विशेष योजना की घोषणा की है। इसके तहत, 10 दिसंबर तक किसान अपनी पर्ची पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त वजन का गन्ना मिल में ला सकेंगे। इसके अतिरिक्त, मिल प्रशासन की टीमें गांवों में जाकर किसानों को जल्द से जल्द गन्ना मिल तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

वर्तमान में अर्ली वैरायटी की पर्चियां जारी की जा रही हैं, और इस सीजन में कुल 32 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। मिल प्रबंधन का लक्ष्य अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक पेराई कार्य को पूरा करना है। मिल के एमडी संजय कुमार ने बताया कि यार्ड में गन्ना भरते ही पेराई तुरंत शुरू कर दी जाएगी और किसानों की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना गन्ना मिल में पहुंचाएं।

इसी बीच, गोहाना के गांव आहुलाना स्थित चौधरी देवी लाल कोऑपरेटिव शुगर मिल में भी 2025-26 पेराई सीजन का औपचारिक उद्घाटन हो चुका है। यहां भी किसानों द्वारा पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं लाया गया है, जिससे पेराई शुरू करने में देरी हो रही है। इस मिल की दैनिक पेराई क्षमता 25,000 क्विंटल है, और 10,000 क्विंटल गन्ने की आवक पर भी धीमी गति से पेराई शुरू की जा सकती है। इलाके में लगभग 9,650 एकड़ में गन्ने की फसल लगी है और इस सीजन में 21 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित है।

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