सोनभद्र खदान हादसा: तीसरे दिन मिले दो और शव, 12 मजदूर अब भी लापता
ओबरा के बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान हुए हादसे के तीसरे दिन सोमवार की सुबह दो और मजदूरों के शव मलबे से निकाले गए। हालांकि, दोनों शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ले रही है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। इस हादसे में अब तक कुल कितने मजदूर लापता हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन माना जा रहा है कि 12 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के करीब 100 से अधिक जवान युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं। उनका प्रयास है कि किसी भी फंसे हुए मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
इस बीच, पुलिस ने खदान हादसे के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक मधुसूदन सिंह, उनके पार्टनर दिलीप केशरी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार, चारों आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं और उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए, वाराणासी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया, विंध्याचल के मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और पुलिस महानिरीक्षक आरपी सिंह शनिवार रात ही सोनभद्र पहुंच गए थे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लिया था और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। रविवार की सुबह उन्होंने लौटते समय अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की कोताही न बरतने की हिदायत दी थी। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि फंसे हुए सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके।
