सोलर खरीद गड़बड़ी: झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
झारखंड हाई कोर्ट ने वंशीधर नगर में सोलर सिस्टम खरीद में हुई कथित गड़बड़ी के मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सरकार के शपथपत्र पर कड़ी नाराजगी जताई।
अदालत ने कहा कि सरकार ने अपने शपथपत्र में केवल एक अभियंता पर विभागीय कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है, जिसमें उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धि रोकी गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं और चहेती कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। यह भी बताया गया कि डीसी स्तर पर गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खरीद में गड़बड़ी की पुष्टि की थी और सरकार ने भी इन अनियमितताओं को स्वीकार किया था।
इसके बावजूद, जब जांच रिपोर्ट में कई स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी, तो केवल एक अभियंता पर कार्रवाई क्यों की गई, यह सवाल अदालत ने उठाया। खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई में अन्य सभी संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का स्पष्ट और विस्तृत ब्योरा पेश करे।
मामले में अगली सुनवाई 11 दिसंबर को निर्धारित की गई है। इस संबंध में पूर्व मंत्री रामचंद्र केसरी द्वारा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें सोलर सिस्टम खरीद प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। अदालत का यह कदम सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
