समालखा में आवारा पशु अभियान ठप, सड़कों पर बेसहारा गाय बनी हादसों का कारण
समालखा शहर में आवारा पशुओं की समस्या विकट रूप लेती जा रही है। गोशालाओं में जगह की कमी के चलते नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान फिलहाल धीमा पड़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, अनाज मंडी, सर्विस रोड और विभिन्न वार्डों की सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
सर्दी के मौसम के साथ कोहरे और धुंध का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। वाहन चालक कोहरे में दूर से इन पशुओं को देख नहीं पाते, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह मनाना फ्लाईओवर पर गोवंश के अचानक सामने आ जाने से एक बस और कैंटर की टक्कर हो चुकी है। इसी तरह, पिछले माह अनाज मंडी के सामने एक कार से टकराने के बाद एक सांड की मौत भी हो गई थी।
ठेकेदार के मुताबिक, पिछले दो दिनों में लगभग 20 पशुओं को पकड़ा गया है, लेकिन अभी भी सौ से डेढ़ सौ पशु शहर में खुले घूम रहे हैं। नगर परिषद के अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय गोशाला संचालकों से लगातार संपर्क साध रहे हैं ताकि अभियान को फिर से गति दी जा सके और पकड़े गए पशुओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। शहर में पहले ही साढ़े छह सौ से अधिक पशुओं को पकड़ा जा चुका है।
आवारा पशुओं का खुले में घूमना न केवल आमजन की सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर रहा है। कई बार ये पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि शहरवासी सुरक्षित रह सकें और हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
