असम में ईंट भट्ठे पर बिहार के मजदूर की हत्या, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इसुआपुर के रामपुर निवासी मनिक महतो की असम के तिनसुकिया में ईंट भट्ठे पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, मनिक महतो बनियापुर के भकुरा भिठ्ठी निवासी ठेकेदार रूपलाल महतो के माध्यम से मजदूरी करने असम गए थे।
मृतक की पत्नी गीता देवी ने बताया कि मनिक तिनसुकिया जिला में मालग्रेटा आरएसबी ईंट उद्योग में काम कर रहे थे। 16 नवंबर को, पैसे के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में ईंट भट्ठा संचालक सुभान दत्ता ने उनकी बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी एवं जिप उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह के सहयोग से मनिक महतो का शव 18 नवंबर की रात असम से उनके पैतृक गांव लाया गया। सांसद ने परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
उसी ईंट भट्ठे पर काम कर रहे पांच अन्य मजदूरों को बंधक बनाए जाने की भी खबर है। इन मजदूरों में रामपुर गांव के छोटेलाल महतो, विनोद महतो, जगजीतन महतो, मशरक के हनुमानगंज कतालपुर गांव के दारा कुमार तथा मशरक दक्षिण टोला के सरयू महतो शामिल हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, मनिक महतो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मृत्यु से उनकी पत्नी गीता देवी के साथ पांच छोटे बच्चों कालू (10), भालू (8), रूबी (7), अभिषेक (6) और निधि (4) के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अब संकट में आ गई है।
परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। पूर्व जिला पार्षद गीता सागर राम ने सरकार से पीड़ित परिवार की माली हालत को देखते हुए उचित मुआवजा और न्याय देने की मांग की है।
मृतक के स्वजनों को स्थानीय विधायक जनक सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक मुंद्रिका प्रसाद राय, जिला पार्षद छविनाथ सिंह, मुखिया धनंजय पांडेय, सरपंच संजय ओझा, अच्छे लाल राय, विजय राय सहित कई अन्य लोगों ने सांत्वना दी। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है, और सभी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
