स्किन पर्जिंग: नए स्किनकेयर का साइड इफेक्ट या साफ त्वचा की शुरुआत?
जब हम कोई नया स्किनकेयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, तो हमारी उम्मीदें हमेशा चमकदार और स्वस्थ त्वचा की होती हैं। लेकिन कई बार इसके विपरीत, हमें छोटे दाने, मुंहासे या त्वचा का रूखापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या यह प्रोडक्ट का साइड इफेक्ट है? त्वचा विशेषज्ञ इस स्थिति को ‘स्किन पर्जिंग’ (Skin Purging) कहते हैं।
एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा में त्वचा रोग विभाग की विशेषज्ञ डॉ. शेफाली महलावत के अनुसार, स्किन पर्जिंग वास्तव में त्वचा के बेहतर होने का एक शुरुआती संकेत हो सकता है। जब हम कोई नया स्किनकेयर रूटीन शुरू करते हैं, खासकर जिसमें एक्टिव इंग्रीडिएंट्स हों, तो त्वचा की कोशिकाएं तेजी से नवीनीकृत होने लगती हैं। इसका मतलब है कि त्वचा की निचली परतों में जमा गंदगी, मृत कोशिकाएं और अतिरिक्त सीबम तेजी से सतह पर आने लगते हैं।
डॉ. महलावत बताती हैं कि इस प्रक्रिया के कारण, जो पोर्स पहले से बंद थे, वे सतह पर दिखने लगते हैं। इससे चेहरे पर छोटे दाने, बंप्स या हल्के ब्रेकआउट्स दिखाई दे सकते हैं। यह आमतौर पर उन्हीं जगहों पर होता है जहां आपको पहले भी मुंहासे निकलने की प्रवृत्ति रही हो।
स्किन पर्जिंग उन उत्पादों के कारण अधिक होता है जिनमें ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा को तेजी से ठीक करने का काम करते हैं। इनमें रेटिनोइड्स (जैसे रेटिनॉल, रेटिन-ए), अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHAs) जैसे ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड, और बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड (BHAs) जैसे सैलिसिलिक एसिड शामिल हैं। ये सभी तत्व त्वचा की निचली परतों में मौजूद कंजेशन को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे शुरुआत में त्वचा थोड़ी खराब लग सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अस्थायी चरण है और आमतौर पर 4 से 6 हफ्तों तक चलता है। यह वह समय होता है जब आपकी त्वचा नए एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के साथ तालमेल बिठाती है। यदि यह प्रतिक्रिया 6 हफ्तों से अधिक समय तक बनी रहती है या गंभीर रूप ले लेती है, तो यह स्किन पर्जिंग नहीं बल्कि त्वचा में जलन, संवेदनशीलता या किसी प्रकार की एलर्जी प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसी स्थिति में, उत्पाद का उपयोग बंद कर देना चाहिए और त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
