सीताराम विवाहोत्सव का भव्य समापन, श्रद्धालुओं ने की ठाकुर जी की आरती
माताजी गोशाला में प्रभु सीताराम का नवदिवसीय भव्य विवाहोत्सव बुधवार को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर प्रभु राम के भाइयों का माता जानकी की बहनों के साथ विवाह संपन्न कराया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। विवाह की रस्मों के पश्चात, मिथिला नगरी की पारंपरिक हास-परिहास और उल्लास भरी रस्में बड़े ही आनंददायक ढंग से आयोजित की गईं, जिन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को आनंद से भर दिया।
उत्सव के समापन समारोह में कोहबर की मनमोहक रस्मों का मंचन किया गया। इसके उपरांत, नवविवाहित युगल जोड़ी को आशीर्वाद दिया गया और विदाई की लीलाओं का भावपूर्ण प्रदर्शन किया गया। नवदंपति और उनके परिजनों की इन भावपूर्ण लीलाओं के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और स्वयं को कृतार्थ महसूस किया।
इस अवसर पर गौवत्स पद्मेश गुप्ता ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि माताजी गोशाला में रमेश भाई ओझा के मुखारविंद से भागवत कथा श्रवण करना और सिया दीदी के संयोजन में सीताराम विवाहोत्सव का आयोजन एक हृदय को अत्यंत प्रसन्न करने वाला अनुभव था। उन्होंने ब्रज और गोमाता की सेवा को बड़े पुण्य का कार्य बताया।
इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में लीला व्यास नरहरीदास बाबा, माधवदास मौनी बाबा, गोशाला संयोजक ब्रजशरण महाराज, भक्तशरण महाराज, मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह ब्रजदास, पद्मेश गुप्ता, अनुराधा गुप्ता, अनुराग, चांदनी, कौस्तुभ, यश सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ठाकुर जी की आरती उतारी और इस मंगलमय अवसर का साक्षी बनकर धन्य हुए।
