सिंहवाड़ा में धान खरीद ठप: किसान बेहाल, बिचौलिए मालामाल
दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड में धान की फसल तैयार हो चुकी है, लेकिन किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू न होने से किसानों में भारी निराशा है। इस बीच, बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं और किसानों से बहुत कम कीमत पर धान खरीदकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, क्योंकि पैक्सों में धान खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, और कुछ पैक्सों पर पिछले वर्ष का बकाया भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष फसल उपजाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पहले जहां बारिश की कमी ने परेशान किया, वहीं बाद में आए ‘मोंथा’ चक्रवात ने बची-खुची फसल को भी नुकसान पहुंचाया। जो थोड़ी बहुत उपज हुई है, उसे भी चूहे बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में जब फसल तैयार हुई तो सरकारी खरीद शुरू न होने से वे हताश हैं। यदि इक्का-दुक्का खरीदार मिल भी रहे हैं, तो वे प्रति क्विंटल छह से आठ सौ रुपये का ही दाम लगा रहे हैं, जो लागत मूल्य से भी काफी कम है।
सूत्रों के अनुसार, सिंहवाड़ा प्रखंड की 25 पंचायतों में से केवल एक पैक्स, सनहपुर, में ही धान की खरीद शुरू हो पाई है, जहां अब तक 155 क्विंटल धान की खरीद हुई है। सरकारी निर्देश के अनुसार, धान की खरीद नवंबर माह से ही शुरू हो जानी चाहिए थी, और ए ग्रेड धान का मूल्य 2379 रुपये प्रति क्विंटल तथा बी ग्रेड धान का मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। लेकिन अधिकांश पैक्स अभी भी खरीद शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं।
कुछ पैक्स अध्यक्षों ने बताया है कि पिछले वर्ष के चावल का भुगतान चार माह से बकाया है, जिसके कारण बैंक उन्हें प्रतिमाह ब्याज का भुगतान करने के लिए नोटिस भेज रहे हैं। इस वित्तीय अड़चन के कारण वे नए धान की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के बड़े-बड़े दावे किए हैं।
किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि जब तक सरकारी खरीद शुरू होगी, तब तक बिचौलिए पूरा धान खरीदकर अपने गोदामों में जमा कर लेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में किसान ही पिस रहा है, जबकि बिचौलिए सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे धान को बाद में ऊंची कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाएंगे। किसानों ने सरकार से तत्काल धान खरीद शुरू कराने और पैक्सों के बकाया भुगतान का समाधान निकालने की मांग की है।
