सीएम हेमंत सोरेन को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होने का निर्देश
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी समन की अवहेलना के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। उच्च न्यायालय ने उन्हें शनिवार, 6 दिसंबर को दोपहर 2 बजे कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में या यदि अदालत चाहे तो मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी पेश हो सकेंगे।
यह मामला ईडी द्वारा जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए समन का पालन न करने से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने मुख्यमंत्री को कुल 10 समन भेजे थे, जिनमें से वे केवल दो बार ही एजेंसी के समक्ष उपस्थित हुए। ईडी का आरोप है कि यह समन की अवहेलना है, जिसके आधार पर उन्होंने निचली अदालत में शिकायत दर्ज कराई है।
मुख्यमंत्री की ओर से निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान, मुख्यमंत्री के अधिवक्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि यदि 12 दिसंबर को मामले में आरोप तय किए जाते हैं, तो उच्च न्यायालय में दायर याचिका का उद्देश्य विफल हो जाएगा। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि यदि मुख्यमंत्री 12 दिसंबर को सुनवाई स्थगित करने का आवेदन देते हैं, तो उसे स्वीकार किया जाए और मामले की सुनवाई 18 दिसंबर के बाद की किसी तिथि पर तय की जाए। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में ईडी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 18 दिसंबर को निर्धारित की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह कानूनी प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।
