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सभी फोन में अब ‘संचार साथी’ ऐप अनिवार्य, सरकार ने कसी नकेल

By Dec 1, 2025

साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा मोबाइल फोन की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संचार मंत्रालय ने सभी मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने सभी नए मोबाइल फोन हैंडसेट में ‘संचार साथी’ ऐप को अनिवार्य रूप से स्थापित करें। यह नियम न केवल घरेलू निर्माताओं पर, बल्कि देश में आयात होने वाले नए फोन पर भी समान रूप से लागू होगा।

निर्माता कंपनियां अक्सर नए मोबाइल फोन की बिक्री से पहले ही उनमें विभिन्न प्रकार के एप्लिकेशन प्री-इंस्टॉल कर देती हैं। अब इस नई नीति के तहत, उन्हें ‘संचार साथी’ ऐप को भी इन प्री-लोडेड ऐप्स में शामिल करना होगा। सरकार ने कंपनियों को इस निर्देश का पालन करने के लिए अगले 90 दिनों का समय दिया है। इसके बाद, अगले 120 दिनों के भीतर, निर्माता कंपनियों को इस अनुपालन को लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘संचार साथी’ ऐप को मोबाइल फोन के नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट की तरह ही स्वचालित रूप से अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए। गौरतलब है कि ‘संचार साथी’ पोर्टल को वर्ष 2023 में ही लॉन्च किया गया था, जबकि इसका मोबाइल ऐप इसी वर्ष जनवरी में जारी किया गया था। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

इस ऐप का सबसे प्रमुख उपयोग फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराना और किसी भी मोबाइल फोन की सत्यता की जांच करना है। संचार मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, ‘संचार साथी’ की मदद से चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस वर्ष अक्टूबर माह में, इस ऐप की सहायता से 50,534 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जो कि जून में बरामद हुए फोन की संख्या से 47 प्रतिशत अधिक है। जून में 34,339 फोन रिकवर हुए थे, जबकि अगस्त में यह संख्या 45,243 थी। मंत्रालय का दावा है कि इस पोर्टल की मदद से हर मिनट एक चोरी हुए या खोए हुए मोबाइल फोन की रिकवरी हो रही है।

इसके अतिरिक्त, मोबाइल फोन धारक इस ऐप का उपयोग करके यह भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे जिस फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह कहीं चोरी का तो नहीं है। ‘संचार साथी’ ऐप के माध्यम से यह भी पता लगाया जा सकता है कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने सिम कार्ड सक्रिय हैं। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 42 लाख से अधिक मोबाइल फोन ‘संचार साथी’ की सहायता से ब्लॉक किए जा चुके हैं।

यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो सेकेंड हैंड मोबाइल फोन खरीदते हैं। वे इस ऐप का इस्तेमाल करके फोन की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा, यह ऐप फर्जी तरीके से सिम कार्ड आवंटित कराने और उनका दुरुपयोग करने के मामलों पर भी अंकुश लगाने में मदद करेगा। अक्सर, जब किसी सिम का उपयोग गलत कामों में होता है, तो पुलिस सिम धारक से पूछताछ करती है। ‘संचार साथी’ ऐप के माध्यम से लोग आसानी से जांच सकते हैं कि उनकी जानकारी के बिना कोई सिम उनके नाम पर तो जारी नहीं हुआ है, और यदि ऐसा है, तो वे उसे ब्लॉक करवा सकते हैं।

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