0

सैलरी डे पर 10 लाख की लूट, पूर्व कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार

By Nov 18, 2025

जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर 11 स्थित सावित्री कॉम्प्लेक्स में 10 नवंबर को विश्वकर्मा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दफ्तर से हुई 10.50 लाख रुपये की लूट मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सिटी एसपी के अनुसार, पुलिस ने मामले में परसुडीह थाना क्षेत्र के रहने वाले अजीत बेहरा और बाबू सरदार उर्फ नेपू को गिरफ्तार किया है।

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लूट की पूरी साजिश कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी, अजय बेहरा ने रची थी। अजय करीब तीन महीने पहले तक इसी कंपनी में वेल्डर के तौर पर काम करता था। उसे इस बात की जानकारी थी कि हर महीने की 10 तारीख को मजदूरों को वेतन के तौर पर बड़ी रकम का भुगतान किया जाता है, और उस दिन दफ्तर में नकदी की मौजूदगी अधिक होती है।

इस जानकारी के आधार पर, अजय बेहरा ने अपने साथियों को इस लूट की योजना में शामिल किया। उसके साथी सरायकेला निवासी अजय सिंह उर्फ मोटा, सूरज करुवा और बाबू सरदार थे। योजना के तहत, तीन बाइक सवारों ने कंपनी के दफ्तर में घुसकर न केवल 10.50 लाख रुपये बल्कि कुछ मोबाइल फोन भी लूट लिए थे। दहशत फैलाने के उद्देश्य से अपराधियों ने फायरिंग भी की थी।

गिरफ्तार अजीत बेहरा के घर से पुलिस को एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और लूट की रकम में से 1.23 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा, दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने लूट की रकम आपस में बांट ली थी, जिसमें प्रत्येक को लगभग 1.15 लाख रुपये मिले थे। अजीत बेहरा के हिस्से से 45 हजार रुपये और बाबू सरदार से 78 हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों ने पकड़े जाने के डर से सिम कार्ड निकालकर फेंक देने की बात बताई है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन दो आरोपियों को पकड़ा है। हालांकि, लूट की साजिश रचने वाला मुख्य सरगना अजय बेहरा और उसका साथी अजय सिंह उर्फ मोटा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें