साहिबगंज में एयरपोर्ट का ग्राउंड वर्क शुरू, भूमि मिलते ही उड़ान की तैयारी
साहिबगंज में हवाई संपर्क को बेहतर बनाने और क्षेत्र में व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की छह सदस्यीय टीम ने बुधवार को साहिबगंज सदर प्रखंड के हाजीपुर भिट्ठा और हाजीपुर दियारा पंचायत में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए चयनित 494 एकड़ भूमि का विस्तृत निरीक्षण किया। दिल्ली और पूर्णिया से आई इस टीम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर साइट का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान, टीम के विशेषज्ञों ने जमीन की भौगोलिक स्थिति, सीमांकन और तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन किया। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से जमीन की भू-आकृतिक और तकनीकी जानकारी प्राप्त की। टीम ने मैप के माध्यम से भूमि के हर सीमा बिंदु की जांच की और कुछ महत्वपूर्ण स्थानों को मोबाइल में रिकॉर्ड किया। इसके अतिरिक्त, ड्रोन कैमरे का उपयोग करके पूरे क्षेत्र का वीडियो सर्वे भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान एएआई टीम ने प्रस्तावित जमीन से गंगा नदी, फोर लेन सड़क, पहाड़ और बिजली टावरों की दूरी के साथ-साथ बाढ़ की संभावित जोखिमों के बारे में भी जानकारी हासिल की। टीम ने जिला प्रशासन को इस भूमि का KML (Keyhole Markup Language) मैप तैयार कर गूगल पर अपडेट करने का निर्देश दिया, ताकि एयरपोर्ट क्षेत्र की सटीक लोकेशन प्रदर्शित हो सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित 494 एकड़ भूमि में 50.68 एकड़ सरकारी और 443.33 एकड़ रैयती जमीन शामिल है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही एयरपोर्ट निर्माण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीम का नेतृत्व गिरिराज शर्मा ने किया, जबकि संजीव कुमार भी टीम का हिस्सा थे।
हालांकि, एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्तावित रैयती जमीन के अधिग्रहण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उपजाऊ खेती योग्य जमीन के अधिग्रहण से उनकी आजीविका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले फोर लेन सड़क निर्माण के दौरान उनके घर टूटे थे और अब उनकी खेती योग्य जमीन भी छीनी जा रही है। ग्रामीणों का तर्क है कि केवल मुआवजे से उनका जीवन यापन संभव नहीं है, क्योंकि हर घर में नौकरी की व्यवस्था नहीं है। दियारा और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं और अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए जोरदार विरोध करने की बात कह रहे हैं।
