ग्रामीण स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा स्वच्छ जल, UP water supply पर सरकार का जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में एक उच्च-स्तरीय बैठक में, राज्य के शीर्ष अधिकारी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत इन महत्वपूर्ण संस्थानों में अनिवार्य रूप से नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यह कदम ग्रामीण बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन शीर्ष समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं के निर्माण कार्यों के लिए एजेंसियों के साथ किए गए अनुबंधों की समय-सीमा को दिसंबर 2027 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, ताकि शेष कार्यों को गुणवत्ता और तय मानकों के साथ तेजी से पूरा किया जा सके।
सरकार ने विशेष रूप से बाढ़ व सूखा प्रभावित क्षेत्रों, जेई (जापानी एन्सेफेलाइटिस) व एईएस (एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम) प्रभावित जिलों, सांसद आदर्श ग्रामों और अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के काम को वरीयता देने का आदेश दिया है। जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के सभी गांवों में प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से समुदाय स्तर पर जल परीक्षण के लिए किट प्रदान किए जाएंगे। दूषित नमूनों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 97,070 राजस्व ग्रामों में पाइप पेयजल योजना का कार्य जारी है। 30 नवंबर 2025 तक, ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 2,67,20,930 परिवारों में से 2,42,74,000 (90.84%) को नल कनेक्शन मिल चुके हैं। इसी तरह, 1,16,524 विद्यालयों में से 1,16,340 (99.84%) और 1,56,304 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1,55,136 (99.25%) को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यह पहल राज्य भर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
