महाराष्ट्र के जलगांव में आरएसएस के पथ संचलन के दौरान बवाल, रूट को लेकर पथराव और लाठीचार्ज | maharashtra news
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल तालुका स्थित किंगांव में दशहरे के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पथ संचलन के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब जुलूस के तय मार्ग को लेकर दो पक्षों में विवाद खड़ा हो गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि त्योहार के माहौल में इस तरह की हिंसा सामाजिक सौहार्द के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
तनाव की शुरुआत तब हुई जब तयशुदा रूट के मुताबिक पथ संचलन को एक धार्मिक स्थल के सामने से गुजरना था। इस बात का विरोध जताते हुए स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठ गईं। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि इस मार्ग से जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी और देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया तथा पथराव शुरू हो गया।
हिंसा की सूचना मिलते ही जलगांव के पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे, अपर पुलिस अधीक्षक संदीप गावित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए भुसावल, यावल और रावेर से भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स को किंगांव में तैनात कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और सख्त कार्रवाई के चलते जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पथ संचलन पूरी तरह से कानूनी अनुमति के साथ निकाला जा रहा था। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और कुछ उपद्रवी तत्वों को हिरासत में भी लिया है। इस घटना के बाद इलाके में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
