RSS पथ संचलन में भाग लेना पड़ा महंगा, कर्नाटक के चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
कर्नाटक के बिदर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में भाग लेना चार सरकारी शिक्षकों को महंगा पड़ गया है। कर्नाटक स्कूल शिक्षा विभाग ने बिदर जिले के औराद के चार शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन शिक्षकों पर सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
औराद के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने मंगलवार को जारी नोटिस में कहा कि यह पाया गया है कि इन शिक्षकों ने 7 अक्टूबर, 2025 और 13 अक्टूबर, 2025 को बिदर जिले के औराद (बी) तालुक में आयोजित संघ पथ संचलन में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई थीं।
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “चूंकि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं, आपको किसी भी राजनीतिक या धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं है। संघ पथ संचलन में भाग लेकर आपने सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन किया है।” यह नियम सरकारी कर्मचारियों को किसी भी ऐसे संगठन या गतिविधि में शामिल होने से रोकता है, जिसका राजनीतिक या धार्मिक झुकाव हो, ताकि उनकी निष्पक्षता और तटस्थता बनी रहे।
बीईओ ने इन शिक्षकों को नोटिस प्राप्त होने के तुरंत बाद एक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए दलित सेना और बहुजन सेवा समिति के नेताओं ने क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।
यह घटना सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित करती है, विशेषकर ऐसे समय में जब सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर लगातार बहस होती रहती है। इन शिक्षकों को अब अपने स्पष्टीकरण के माध्यम से विभाग को संतुष्ट करना होगा, अन्यथा उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
