बिहार में ठंड से राहत, सूर्य देव के दर्शन से बढ़ी लोगों की उम्मीद | Bihar Cold Wave
पूर्वी चंपारण में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझ रहे लोगों को गुरुवार को कुछ घंटों की राहत मिली। बादलों की ओट से जब सूर्य की किरणें निकलीं, तो लोगों को मानो नया जीवन मिल गया। धूप निकलने के साथ ही ठंड से परेशान लोगों के चेहरे खिल उठे और दिन के समय जरूरी कामकाज निपटाने के लिए घरों से बाहर निकले। पिछले कई दिनों से सूर्य के दर्शन न होने के कारण दिन में भी ठंड का असर बना हुआ था।
धूप खिलते ही घरों की छतों पर कपड़े सुखाती गृहणियां नजर आईं, वहीं बच्चे, बुजुर्ग और युवा खुले स्थानों पर कुर्सी डालकर धूप का आनंद लेते दिखे। सर्द मौसम से राहत पाने के लिए लोग धूप सेंकते रहे। हालांकि, शाम ढलते ही एक बार फिर सर्द हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी। सुबह और शाम के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर अधिक देखने को मिला। खेतों में काम करने वाले मजदूर देर से निकल रहे हैं, जबकि बाजारों में भी दोपहर के समय ही रौनक नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन में धूप से राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह और शाम की ठिठुरन अब भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत की उम्मीद कम है और तापमान में और गिरावट हो सकती है।
चिकित्सकों के मुताबिक, इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, गले का संक्रमण, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द और बच्चों में निमोनिया जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढककर रखें, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें और धूप मिलने पर शरीर को धूप जरूर दिखाएं। गर्म पानी, सुपाच्य भोजन और गरम पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी है।
