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रूस ने भारत के साथ अहम सैन्य समझौते को दी मंजूरी, पुतिन की यात्रा से पहले बड़ा कदम

By Dec 3, 2025

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 4-5 दिसंबर को होने वाली भारत यात्रा से पहले रूस ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए भारत के साथ एक अहम सैन्य समझौते को अपनी संसद से मंजूरी दिला दी है। रूस की निचली संसद, स्टेट ड्यूमा ने मंगलवार को भारत के साथ ‘रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट’ (RELOS) समझौते को अंतिम रूप से मंजूरी दे दी। यह समझौता 18 फरवरी को दोनों देशों की सरकारों के बीच हस्ताक्षरित हुआ था, जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री मिखाइल मिशस्टिन द्वारा ड्यूमा में अनुसमर्थन के लिए भेजा गया था।

स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने सदन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “भारत के साथ हमारे संबंध रणनीतिक और व्यापक हैं, और हम उन्हें महत्व देते हैं। हम समझते हैं कि आज इस समझौते का अनुसमर्थन आपसी सहयोग और निश्चित रूप से, हमारे संबंधों के विकास की दिशा में एक और कदम है।”

RELOS समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य बलों, युद्धपोतों और सैन्य विमानों को एक-दूसरे के देशों में लॉजिस्टिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। यह समझौता न केवल सैनिकों और उपकरणों की आवाजाही को नियंत्रित करेगा, बल्कि उनके लॉजिस्टिक्स का भी प्रबंधन करेगा। यह स्थापित प्रक्रिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता, प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के बाद राहत प्रयासों और अन्य आपसी सहमति वाले मामलों के दौरान उपयोग की जाएगी।

ड्यूमा की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक नोट में, रूसी मंत्रिमंडल ने कहा कि इस दस्तावेज़ के अनुसमर्थन से दोनों देशों के हवाई क्षेत्र और बंदरगाहों का आपसी उपयोग आसान हो जाएगा। रूसी और भारतीय युद्धपोतों को इसके तहत एक-दूसरे के बंदरगाहों पर सुविधा मिलेगी। मंत्रिमंडल के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करेगा, जो उनकी रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

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