रोहिणी में झुकी निर्माणाधीन इमारत को गिराने का काम शुरू, निगम ने जारी किया था नोटिस
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-7 पॉकेट-डी में एक गंभीर हादसा टल गया है। यहां एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत के ढांचे में आई खामी के कारण वह खतरनाक ढंग से एक ओर झुक गई थी। इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी थी। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इमारत को खतरनाक घोषित किया और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
नगर निगम ने इमारत के मालिक को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से निर्माण रोकने और इमारत को सुरक्षित करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को भवन मालिक ने स्वयं ही इस गंभीर स्थिति को समझते हुए अर्थ मूवर्स मशीन और अन्य भारी उपकरणों की मदद से इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया। निगम के अधिकारियों के अनुसार, इमारत का नक्शा तो पास था, लेकिन किसी अज्ञात कारण से इसके फाउंडेशन में खिसकाव आ गया था, जिससे इमारत का ढांचा अस्थिर हो गया और वह झुकने लगी।
पिछले काफी समय से चल रहे इस निर्माण कार्य के दौरान, कुछ दिनों से तीसरी मंजिल का एक हिस्सा एक तरफ झुकने लगा था। इस झुकाव के कारण न केवल इमारत के गिरने का खतरा बढ़ गया था, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की जान-माल को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। स्थानीय निवासियों ने तुरंत नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद, निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी और इमारत के आसपास के क्षेत्र में आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया था। शनिवार को, इमारत के भूतल पर सपोर्ट और चैनल लगाकर, हथौड़े, ड्रिल और अर्थ मूवर्स मशीन की सहायता से तोड़फोड़ की प्रक्रिया आरंभ की गई।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भवन मालिक ने स्वयं ही इमारत को गिराने का फैसला लिया है, क्योंकि यह अब लोगों के लिए एक बड़ा जोखिम बन गई थी। फाउंडेशन में आई खामी को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को भी कार्रवाई जारी रहेगी और शेष हिस्से को भी सुरक्षित रूप से ढहाया जाएगा। इस घटना ने दिल्ली में अवैध निर्माण और कमजोर ढांचों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
