रोहिणी के अपमान पर भड़के तेज प्रताप, लालू से मांगा ‘एक इशारा’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य द्वारा परिवार पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रोहिणी आचार्य ने बिहार विधानसभा चुनावों में राजद की करारी हार के बाद परिवार से कथित तौर पर नाता तोड़ लिया था और उन पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
तेज प्रताप यादव ने एक ऑनलाइन पोस्ट के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ जो कुछ भी हुआ, उन्होंने उसे सहन कर लिया, लेकिन उनकी बहन का अपमान किसी भी परिस्थिति में असहनीय है। उन्होंने इस घटना को परिवार और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई बताया।
सूत्रों के अनुसार, रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया था कि राजद की हार के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया और उन्हें मारने के लिए चप्पल भी उठाई गई थी। इन आरोपों के बाद वह सिंगापुर के लिए रवाना हो गईं। तेज प्रताप ने कहा कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है और उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार की जनता उनके परिवार पर हमला करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी।
तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में भावुक होते हुए लिखा, “जब से मैंने अपनी बहन रोहिणी पर चप्पल उठाए जाने की खबर सुनी है, मेरे दिल का दर्द आग में बदल गया है। जब जनता की भावनाएं आहत होती हैं, तो बुद्धि पर जमी धूल उड़ जाती है। इन चंद चेहरों ने तेजस्वी की बुद्धि पर भी परदा डाल दिया है।”
उन्होंने गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए अपने पिता लालू प्रसाद यादव से परिवार की गरिमा बचाने की अनुमति मांगी। तेज प्रताप ने कहा, “इस अन्याय के परिणाम अत्यंत भयंकर होंगे। समय की मार बहुत कठोर होती है। मैं माननीय राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे पिता, मेरे राजनीतिक गुरु, श्री लालू प्रसाद जी से अनुरोध करता हूं – पिताजी, मुझे इशारा दीजिए… बस एक इशारा, और बिहार की जनता इन जयचंदों को खुद मिट्टी में मिला देगी।”
तेज प्रताप यादव ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं है, बल्कि यह एक परिवार के सम्मान, एक बेटी के सम्मान और बिहार के स्वाभिमान की लड़ाई है। इस बयान ने यादव परिवार के भीतर चल रही कलह को सार्वजनिक कर दिया है और बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
