रिलायंस ग्रुप का बड़ा ऐलान: RInfra और RPower के 2500 कर्मचारियों को मिलेंगे ESOPs
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने अपनी दो प्रमुख कंपनियों, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (RInfra) और रिलायंस पावर (RPower) के 2500 कर्मचारियों के लिए कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ESOPs) की घोषणा कर एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को की गई इस घोषणा का लक्ष्य कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाना और उन्हें कंपनी के सतत विकास का अभिन्न भागीदार बनाना है।
समूह द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह पहल रिलायंस समूह के इस दृढ़ विश्वास को दर्शाती है कि उसके कर्मचारी ही उसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। इन कर्मचारियों को विकास, परिवर्तन और सतत मूल्य सृजन की यात्रा में विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जा रहा है। ESOPs प्रदान करने के लिए 3 नवंबर, 2023 को शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी थी। समूह ने स्पष्ट किया कि अधिकांश कर्मचारी अपनी निष्ठा और कंपनी के कायाकल्प में योगदान के सम्मान में 10 रुपये प्रति शेयर के अंकित मूल्य पर अपने विकल्पों का प्रयोग करने के हकदार होंगे।
रिलायंस समूह भारत में 28,000 से अधिक लोगों को रोजगार देता है और लाखों ग्राहकों/उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करता है। समूह के पास 1,07,123 करोड़ रुपये की संपत्ति और 40,856 करोड़ रुपये की निवल संपत्ति है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के संयुक्त निवेशक आधार में 50 लाख से अधिक शेयरधारक शामिल हैं।
ये दोनों कंपनियां समूह की प्रमुख इकाइयों में से हैं। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर रिलायंस पावर के शेयर 0.22% बढ़कर 41.35 रुपये पर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर 1.54% बढ़कर 187.50 रुपये पर बंद हुए थे। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरइंफ्रा) भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है, जो बिजली वितरण, परिवहन, इंजीनियरिंग एवं निर्माण, और रक्षा क्षेत्रों में संचालित होती है। कंपनी और उसके प्रबंधन का सामना विभिन्न वित्तीय और कानूनी मामलों से हुआ है, जिसमें दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत कार्यवाही और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियों की जांच शामिल हैं। अनिल अंबानी रिलायंस पावर (RPower) के अध्यक्ष और प्रमुख प्रवर्तक भी हैं।
इस ESOP योजना को कर्मचारियों को सशक्त बनाने और उन्हें कंपनी की सफलता में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी प्रेरणा और उत्पादकता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
