बिहार में रेल ओवरब्रिज (ROB) डिजाइन गुम: निर्माण पर गहराया संकट, सरकारी एजेंसी की लापरवाही
बिहार में रेल ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण में गंभीर समन्वय की कमी सामने आई है। पथ निर्माण विभाग द्वारा रेलवे को मंजूरी के लिए भेजे गए चार आरओबी के डिजाइन रेलवे के स्तर पर ही गुम हो गए हैं। इस घटनाक्रम से निर्माण कार्य अटक गया है, क्योंकि डिजाइन की स्वीकृति के बिना कोई भी प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया जा सकता।
समन्वय की कमी का आलम यह है कि बैठकों में रेलवे के कनीय अधिकारी खानापूर्ति के लिए आते हैं। हाल ही में हुई एक बैठक में यह खुलासा हुआ कि पथ निर्माण विभाग द्वारा भेजे गए चार आरओबी के डिजाइन रेलवे के पास उपलब्ध नहीं हैं। अब इन डिजाइनों को फिर से भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, जो राज्य सरकार की ओर से आरओबी निर्माण की एजेंसी है, इस विलंब से चिंतित है। डिजाइन की स्वीकृति न मिलने से न तो निविदा (NIT) निकाली जा सकती है और न ही आगे का आकलन संभव है। इस देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत में वृद्धि होना तय है।
पथ निर्माण विभाग ने रेलवे से डिजाइन स्वीकृति में तेजी लाने का आग्रह किया है। विभाग के वरीय अधिकारी स्वयं रेलवे के संबंधित दफ्तर जाकर इस मामले पर उच्च स्तरीय बैठक करने की योजना बना रहे हैं। बिहार में कई आरओबी परियोजनाओं में लागत साझाकरण (cost sharing) का मॉडल है, जहां रेलवे को ट्रैक का हिस्सा और पथ निर्माण विभाग को एप्रोच रोड बनाना होता है। ऐसे मामलों में डिजाइन की मंजूरी में सालों लग जाते हैं, जिससे विकास कार्य बाधित होते हैं।
