रामगढ़ कोर्ट में आपराधिक गुटों में भिड़ंत: अधिवक्ताओं संग धक्का-मुक्की, मची अफरा-तफरी
रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम (एडीजे-वन) की अदालत में दो आपराधिक गुट आपस में भिड़ गए। घटना के दौरान अधिवक्ताओं के साथ भी धक्का-मुक्की हुई, जिससे न्यायालय परिसर में भगदड़ का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लग्जरी वाहनों से करीब दो दर्जन से अधिक लोग, जिनमें से कई नशे में धुत थे, न्यायालय पहुंचे थे। यह लोग श्रीवास्तव गिरोह से जुड़े रियाज अंसारी के साथ आए थे, जिनकी सजा के बिंदु पर सुनवाई होनी थी। ये लोग सीधे एडीजे-वन की अदालत में घुस गए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों गुट आपस में भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान कई अधिवक्ता भी चपेट में आ गए और उनके साथ धक्का-मुक्की हुई।
अचानक हुई इस घटना से न्यायाधीश की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत गेट पर मौजूद पुलिस जवानों को सूचित किया। पुलिस बल तत्काल न्यायालय परिसर पहुंचा और हंगामा कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही विभिन्न थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल कोर्ट परिसर में तैनात कर दिया गया।
देर शाम तक हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जाती रही। एसडीपीओ पतरातू गौरव गोस्वामी भी कोर्ट परिसर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अपराधियों के पास से 26 मोबाइल फोन, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और दो वॉकी-टॉकी बरामद किए हैं। कुल 21 अपराधियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हैं।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि श्रीवास्तव गिरोह के सदस्यों को कोर्ट परिसर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि पकड़े गए अपराधियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालयों की सुरक्षा चाक-चौबंद करने के प्रयासों के बीच सुरक्षा में एक बड़ी चूक को उजागर करती है।
