आगरा में पुलिस की निरंकुशता पर जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल, डिप्टी सीएम ने की बैठक
आगरा में पुलिस कमिश्नरेट की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष चिंता जताई है। सर्किट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान, स्थानीय नेताओं और संगठन पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि पुलिसकर्मी निरंकुश हो गए हैं और आम नागरिकों के साथ बर्बरता कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने हाल ही में हुई घटनाओं का उल्लेख किया, जैसे कि किरावली में राजू पंडित की टांग तोड़ना और जीवनी मंडी पुलिस चौकी में नरेंद्र कुशवाह को पीटना। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है।
बैठक में जेलों में हो रही वसूली का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पहले जहां जेल में वसूली की रकम 800 रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर एक लाख रुपये तक पहुंच गई है, और पैसे न देने पर कैदियों का उत्पीड़न किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री ने अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह को तलब कर नाराजगी व्यक्त की और दोनों मारपीट की घटनाओं में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो एक नजीर बने। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से सभी शिकायतें लिखित में देने को कहा, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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