2027 चुनाव की तैयारी: योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल जल्द, जातीय-क्षेत्रीय समीकरण साधने पर फोकस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी है। फेरबदल दिसंबर में ही होने की उम्मीद जताई जा रही है। फेरबदल के जरिए भाजपा की वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय के साथ ही क्षेत्रीय समीकरण को साधने की कोशिश होगी। फेरबदल में भाजपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2022 में दूसरी बार बनी एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल में पहला फेरबदल पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च को किया गया था। पूर्वांचल से सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर व सपा छोड़ भाजपा में आए दारा सिंह चौहान के साथ ही पश्चिमी यूपी से अनिल कुमार और सुनील शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
अब विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में दूसरे फेरबदल में भी कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री भी बनाने की चर्चा है। मुख्यमंत्री के साथ ही अब पूर्वी उत्तर प्रदेश से भाजपा के अध्यक्ष के भी होने से माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं।
वर्ष 2022 में सरकार बनने पर जातीय समीकरण साधते हुए पिछड़ा वर्ग से 20, दलित वर्ग से आठ, ब्राम्हण सात, क्षत्रिय छह, वैश्य चार तथा दो भूमिहार मंत्री बनए गए थे। इसमें कायस्थ, सिख व मुस्लिम समाज से एक-एक मंत्री भी बनाए गए थे। कुल पांच महिलाओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्री समेत वर्तमान में 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री हैं। इस तरह से कुल 54 मंत्री हैं। नियमानुसार मंत्रिमंडल में अधिकतम 60 सदस्य हो सकते हैं। इस तरह छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं।
