आगरा जन चौपाल में बिजली गुल: बीडीओ और टेंट संचालक दोषी, डिप्टी CM की नाराजगी के बाद जांच
आगरा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की एक जन चौपाल के दौरान बिजली गुल होने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। इस मामले में की गई जांच में फतेहाबाद के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रजत कुशवाहा और टेंट हाउस संचालक को दोषी पाया गया है। सीडीओ द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
यह घटना नौ जनवरी को पैतीखेड़ा में आयोजित ग्राम्य विकास विभाग के कार्यक्रम के दौरान हुई, जब उप मुख्यमंत्री भाषण दे रहे थे। अचानक बिजली चली गई और जेनरेटर का इंतजाम भी ठीक से नहीं होने के कारण कार्यक्रम में 20 मिनट का व्यवधान उत्पन्न हुआ। उप मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताई थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, बीडीओ ने कार्यक्रम के लिए आवश्यक इंतजामों की देखरेख में लापरवाही बरती। बिजली की आपूर्ति के लिए कटिया का इस्तेमाल किया गया था, जो कि नियमों के विरुद्ध है। टेंट हाउस संचालक पर भी जेनरेटर की व्यवस्था ठीक से न करने का आरोप है। इस घटना के सार्वजनिक प्रभाव को देखते हुए, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में ऐसी अव्यवस्था न हो।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सीडीओ प्रतिभा सिंह से इस मामले की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे अब डीएम को भेज दिया गया है। रिपोर्ट में बीडीओ और टेंट हाउस संचालक नेतराम के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। टेंट संचालक के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। डीएम ने बताया कि सीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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