गाजियाबाद में हवा की गति से घट रहा प्रदूषण, अधिकारी राहत दिलाने में नाकाम: Ghaziabad air quality
गाजियाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर केवल हवा की गति बढ़ने पर ही कम हो रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी लोगों को जहरीली हवा से राहत दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। रविवार को जिले का एक्यूआई 283 दर्ज किया गया, जो शनिवार के 351 की तुलना में काफी कम है। यह गिरावट हवा की बढ़ी हुई गति के कारण आई है, जिसने वायुमंडल में धूल कणों को फैलने में मदद की।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को जिले का एक्यूआई 351 था, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। रविवार को हवा की औसत गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 29 किलोमीटर प्रति घंटा रहे, जिससे एक्यूआई में 68 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस आंशिक सुधार से लोगों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन हवा की गुणवत्ता अभी भी खराब श्रेणी में बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हवा की गति बढ़ने के साथ-साथ मौसम में नमी की कमी भी प्रदूषण के स्तर में गिरावट का एक कारण है। धूल के कणों के हवा में उड़ने से प्रदूषण कम हुआ है और आगे भी इसमें और गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, जिले के लोनी और वसुंधरा जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब श्रेणी में है। लोनी का एक्यूआई 336 और वसुंधरा का 322 दर्ज किया गया है। वसुंधरा में शनिवार के 417 के मुकाबले रविवार को सुधार देखा गया है।
