शाहजहांपुर के कैफे में पुलिस का छापा, आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां; देह व्यापार का आरोप
शाहजहांपुर के रोजा क्षेत्र के एक कैफे में पुलिस ने छापा मारा और आपत्तिजनक हालत में युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कमरों से कुछ युवक व युवतियां बाहर निकलते दिख रहे हैं, जिनमें दो युवतियां निर्वस्त्र अवस्था में भी मिलीं। कैफे संचालक पर देह व्यापार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
इससे पहले साेमवार को कैफे संचालक ने एक महिला व उसके साथियों पर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाते हुए एक लाख रुपये रंगदारी मांगने की प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी। एसपी राजेश द्विवेदी ने जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। जो वीडियो प्रसारित हो रहे हैं उनमें कैफे के अंदर बने कमरों में कई युवक-युवतियां दिख रहे है।
बताया जा रहा है जिस स्थान पर यह कैफे संचालित है उससे कुछ दूरी पर कई पुलिसकर्मी भी रहते हैं, लेकिन उसके बाद भी बिना किसी रोक-टोक के युवक-युवतियों से मनमाने रुपये वसूलकर इस कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में इस तरह का यह कोई पहला प्रकरण नहीं है। सदर, चौक कोतवाली समेत कई क्षेत्रों में इस तरह के मामले सामने आए। कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई भी की थी लेकिन उसके बाद भी इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे कैफे संचालित हो रहे हैं जिसमे दो से तीन हजार रुपये प्रति घंटे पर कमरा देकर अनैतिक कार्य कराए जा रहे हैं जबकि प्रशासन व पुलिस इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। गत वर्ष चौक कोतवाली क्षेत्र स्थित कैफे में ले जाकर एक युवक ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी थी। जबकि 13 अक्टूबर को सदर क्षेत्र के एक कैफे में युवती को लेकर कमरा किराये पर लेकर दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया था। सात नवंबर को सदर पुलिस ने देह व्यापार प्रकरण में एक मकान मालिक समेत आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की थी। मकान के अंदर से बिहार, पश्चिम बंगाल की युवतियां युवकों के साथ कमरों में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ी थी। खाद्य सुरक्षा विभाग में सिर्फ 40 कैफे पंजीकृत हैं जो 100 रुपये शुल्क देकर खोले गए हैं जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से कम हैं। जबकि इससे अधिक टर्नओवर वाले 10 कैफे हैं।
