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PM किसान सम्मान निधि: अगली किस्त चाहिए तो तुरंत बनवाएं फार्मर ID, ये हैं जरूरी दस्तावेज

By Nov 16, 2025

संभल जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाखों लाभार्थी किसानों पर अगली किस्त से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है। जिले के कुल 3.39 लाख लाभार्थियों में से लगभग 2.14 लाख किसानों ने अब तक अपनी ‘फार्मर आईडी’ नहीं बनवाई है, जबकि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में बिना इस आईडी के योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, 19 नवंबर को मिलने वाली किस्त सभी को मिल जाएगी, लेकिन उसके बाद बड़ी संख्या में किसान आर्थिक नुकसान झेल सकते हैं।

यह योजना दिसंबर 2018 में शुरू हुई थी और फरवरी 2019 में इसकी पहली किस्त जारी की गई थी। यह किसानों के लिए 6000 रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता के साथ एक महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी है। लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकारों ने यह अनिवार्य कर दिया है कि भविष्य में केवल उन्हीं किसानों को योजना का लाभ मिलेगा जिनकी फार्मर आईडी अपडेटेड होगी। वर्तमान में, जनपद में केवल 1.25 लाख किसानों ने ही अपनी फार्मर आईडी बनवाई है।

उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यदि लगभग 2.14 लाख किसानों ने तुरंत कार्यवाही नहीं की तो वे आगामी किस्तों से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि फार्मर आईडी केवल सम्मान निधि के लिए ही नहीं, बल्कि बीज, खाद, कृषि उपकरण, फसल बीमा, कृषि अनुदान और नई कृषि तकनीकों से जुड़ी सभी कृषक योजनाओं का आधार है। यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी सहायता सीधे और प्रभावी ढंग से लाभार्थियों तक पहुंचे।

इस समस्या के समाधान के लिए जिले की हर ग्राम पंचायत और हर राजस्व गांव में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विभाग, पंचायत सचिव, लेखपाल, सहायक और जनसेवा केंद्रों की टीमें मिलकर किसानों को जागरूक करने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, कई किसान जानकारी के अभाव में या इसे सामान्य प्रक्रिया समझकर टाल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा पर सीधा सवाल खड़ा हो गया है।

कृषि विभाग लगातार किसानों को चेतावनी दे रहा है कि समय पर फार्मर आईडी न बनवाने पर अगली किस्त से लाभ रोका जा सकता है। किसानों को स्वयं आगे आकर इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा। फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है और किसान स्वयं इसे पूरा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है: आधार कार्ड, खतौनी और मोबाइल नंबर। किसान सीधे कृषि विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया कठिन लगती है, वे नजदीकी जन सेवा केंद्र पर 20 से 50 रुपये का मामूली शुल्क देकर यह प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायत भवन में तैनात सचिवालय, पंचायत सचिव, लेखपाल और पंचायत सहायक भी किसानों की मदद के लिए उपलब्ध हैं।

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