दिल्ली में 2026 तक बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, AIIMS और RML में मिलेगा सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक (Delhi health services)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। वर्ष 2026 तक दिल्लीवासियों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारों और रेफरल की समस्या से राहत मिलेगी। इस विस्तार में बड़े सरकारी अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक और क्रिटिकल केयर सुविधाओं का विकास शामिल है।
बड़े अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक
दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में से एक एम्स (AIIMS) परिसर में नया ओपीडी भवन, क्रिटिकल केयर ब्लॉक (ICU, ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं का विस्तार) तथा रोबोटिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। ये सुविधाएं 2026 तक आरंभ होने का लक्ष्य है। इसी तरह, आरएमएल अस्पताल में 11 मंजिला सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक तैयार हो रहा है, जिसमें 18 नए ऑपरेशन थिएटर, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और कैंसर उपचार की आधुनिक सुविधाएं होंगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
दिल्ली सरकार मोहल्ला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इनमें सामान्य जांच, मुफ्त दवाइयां, जांच सुविधाएं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण की सेवाएं मिलेंगी। पुराने मोहल्ला क्लीनिकों को अपग्रेड कर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जा रहा है, जिसका उन्नयन 2025-26 के दौरान पूरा किया जाएगा।
डिजिटल इंटीग्रेशन और नए अस्पताल
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ इंफॉर्मेशन सिस्टम (HIMS) के माध्यम से अपॉइंटमेंट और मेडिकल रिकॉर्ड की सुविधा आसान की जा रही है। इसके अलावा, दिल्ली में नौ नए अस्पतालों पर काम चल रहा है, जिनमें से कई 2026 तक जनता के लिए खोले जाने की योजना है। इन प्रयासों से उम्मीद है कि 2026 में दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा सिर्फ विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पहुंच और भरोसे के नए मानक स्थापित करेगा।
