फिरोजाबाद: नारखी चौराहे पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव, ग्रामीण परेशान
फिरोजाबाद के नारखी क्षेत्र में विकास की राह तक रहे ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। नारखी धौंकल से नारखी तालुका जाने वाले मार्ग पर स्थित एक प्रमुख चौराहा, जो ओखरा, फरिहा और कोटला जैसे गांवों को जोड़ता है, उपेक्षा का शिकार है। हजारों की संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन इस चौराहे से गुजरते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है।
विकास की गाथा कहने वाले प्रतीक्षालय इन गांवों के बाहर तो हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण चौराहे पर इनकी सख्त आवश्यकता के बावजूद न तो स्थानीय अधिकारियों का ध्यान है और न ही जनप्रतिनिधियों का। यह प्रतीक्षालय न केवल यात्रियों को धूप और बरसात से बचाते हैं, बल्कि सामूहिक रूप से बैठने पर सुरक्षा का एहसास भी कराते हैं।
चौराहे पर सुविधाओं का घोर अभाव है। दुकानदारों और राहगीरों से बात करने पर एक ही मांग सामने आती है – पीने के पानी की व्यवस्था। एक हैंडपंप पिछले छह माह से खराब पड़ा है, जिससे दुकानदारों को दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है, वहीं राहगीर पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने भी बताया कि प्यास लगने पर पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है, जो थके-हारे यात्रियों के लिए अतिरिक्त बोझ है।
आसपास के तालाबों में जमा गंदा पानी दुर्गंध फैलाता है और मच्छरों को पनपने का अवसर देता है, जिससे स्थानीय निवासियों का चैन छिन गया है। यह गंदगी दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को भी दूर भगाती है। महिलाओं ने बताया कि परिजनों का इंतजार करते हुए उन्हें खुले में खड़ा रहना पड़ता है, खासकर गर्मी और बरसात में यह कष्टदायक हो जाता है। घने कोहरे में सड़क पर इंतजार करने से हादसों का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने ब्लॉक अधिकारियों से चौराहे पर प्याऊ की व्यवस्था करने और जनप्रतिनिधियों से अपनी निधि से एक प्रतीक्षालय बनवाने की मांग की है। साथ ही, बरसात और गंदे पानी की निकासी के लिए सड़क के किनारे नाला बनाकर उसे नदी तक ले जाने की भी गुहार लगाई है, ताकि जलभराव की समस्या से निजात मिल सके। संकरी सड़क और गंदगी के कारण संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बना रहता है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
