दो बीघा जमीन विवाद: ताऊ की हत्या में भतीजे को आजीवन कारावास
फिरोजाबाद की एक अदालत ने दो बीघा जमीन के विवाद में अपने ताऊ की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या करने के दोषी भतीजे रामू सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे जमा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला एडीजे एवं त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-दो के न्यायाधीश विमल वर्मा की अदालत ने सुनाया।
यह घटना एक जून 2020 को जसराना थाना क्षेत्र के पचवा गांव में दोपहर के समय हुई थी। वादी दीपक राघव ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि उनके बाबा राजबहादुर सिंह ने अपनी हिस्से की जमीन में से दो बीघा जमीन उसी दिन उनके नाम की थी। इस बैनामे का उनके सगे भतीजे रामू सिंह ने तहसील में कड़ा विरोध किया था। तहसील से घर लौटने के बाद, जब राजबहादुर सिंह बाहर वाले कमरे में खाना खाकर लेटे थे, तब दोपहर करीब ढाई बजे रामू सिंह ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दीपक और उनके परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे तो देखा कि रामू सिंह अपने बाबा पर प्रहार कर रहा था। लोगों को आते देख वह मौके से फरार हो गया। इस हमले में राजबहादुर सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने रामू सिंह के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें, पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने रामू सिंह को हत्या का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजबहादुर सिंह के पास कुल 15-16 बीघा जमीन थी, जिसमें से पांच बीघा जमीन वह पहले ही दीपक को रजिस्ट्री कर चुके थे। घटना वाले दिन भी दो बीघा जमीन की रजिस्ट्री दीपक के नाम हुई थी। इसी जमीन के विवाद और खुन्नस के चलते रामू सिंह ने अपने ताऊ की हत्या को अंजाम दिया।
