पूर्वांचल में बदलेगा मौसम का मिजाज, पारा गिरने से बढ़ेगी गलन और कोहरा
वाराणसी और समूचे पूर्वांचल में मौसम का रुख बदलने वाला है। अगले एक सप्ताह के भीतर यहां ठंड का अहसास तेज हो जाएगा। पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने और बिहार की ओर से बादलों के पूर्व की ओर लौटने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों के चलते जल्द ही गलन भरी सर्दी शुरू हो जाएगी और कोहरे का प्रभाव भी बढ़ने लगेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान, अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से मामूली अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के करीब है। न्यूनतम आर्द्रता 60% और अधिकतम आर्द्रता 81% दर्ज की गई। हालांकि, बीते चौबीस घंटों में पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की कमी दर्ज की गई है। बादलों का पूर्व की ओर रुख करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पछुआ हवाओं का प्रभाव शुरू हो चुका है।
अफगानिस्तान से आने वाली सर्द हवाओं का रुख मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इन हवाओं के प्रभाव से मैदानी क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति जल्द ही बनने लगेगी। इसके साथ ही, पहाड़ों पर बर्फबारी और पाले की स्थिति बनने की भी संभावना है, जिसका असर मैदानी इलाकों में साफ तौर पर नजर आएगा। पश्चिमी क्षेत्रों में तापमान में पहले ही गिरावट आने लगी है और इसका असर जल्द ही पूर्वांचल तक महसूस किया जाएगा।
मौसम की यह तल्खी वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे के रूप में दिखाई देगी, जिससे न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह के अंत तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ जाएगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
वाराणसी के सिगरा स्टेडियम को मिलेगा नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा
वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचक नामावली तैयार, दावे-आपत्ति 16 दिसंबर तक
कफ सिरप तस्करी: पुलिस ने फर्म संचालकों की तलाश तेज की, करोड़ों के कारोबार का खुलासा
काशी-तमिल संगमम् का चौथा संस्करण: CM योगी और केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन
