पटना के अस्पताल ऑक्सीजन के लिए हुए आत्मनिर्भर, कोविड के बाद हर जगह लगे प्लांट
कोरोना महामारी के भयावह दौर से मिले सबक के बाद पटना के अस्पताल अब ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो गए हैं। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों जैसे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच), इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आईजीआईएमएस), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, कई बड़े निजी अस्पतालों ने भी अपने ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगा लिए हैं। इस कदम से अस्पतालों की ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए बाहरी निर्भरता समाप्त हो गई है, जिससे मरीजों को किसी भी आपात स्थिति में ऑक्सीजन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आईजीआईएमएस राजधानी का पहला मेडिकल कॉलेज है जिसने अपना पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसोर्प्शन) ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया। तत्कालीन निदेशक डॉ. एनआर विश्वास की पहल पर एयरवाटर के माध्यम से यह प्लांट लगाया गया था। इसके अलावा, राज्य सरकार ने बीएमएससीआइएल के माध्यम से लिंडे कंपनी द्वारा दो और पीएसए प्लांट स्थापित करवाए हैं। इन तीनों पीएसए प्लांट की संयुक्त क्षमता 2,233 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की है, साथ ही एक बड़ा क्रायोजेनिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक भी उपलब्ध है, जो संस्थान को ऑक्सीजन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाता है। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल और बायोमेडिकल इंजीनियर शैलेंद्र कुमार के अनुसार, 1250 बेड वाले नए अस्पताल के लिए एक अतिरिक्त पीएसए प्लांट लगाने की योजना है। आपातकालीन उपयोग के लिए संस्थान में 400-450 ऑक्सीजन सिलेंडर का सुरक्षित भंडार भी रखा गया है।
पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) तथा नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) परिसर में भी एक-एक पीएसए प्लांट कार्यरत हैं। ये प्लांट इन अस्पतालों के आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करते हैं। इन दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन दो से तीन हजार ओपीडी मरीज आते हैं और एक हजार से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यहां 700-800 ऑक्सीजन सिलेंडर का स्टॉक रखा जाता है। पीएमसीएच का पीएसए प्लांट 20 किलोलीटर (केएल) क्षमता का है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल में 1200 लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह प्लांट अब पूरी तरह से चालू हो गया है और अस्पताल को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बना दिया है। पहले यह ट्रायल मोड में था, लेकिन अब इसकी क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जा रहा है। इन सभी पहलों से यह सुनिश्चित होता है कि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य संकट के दौरान पटना के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी समस्या नहीं बनेगी।
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