परिवार के साथ तो बेटियां छू सकती हैं हर बुलंदी: युवा क्रिकेटर अदिति श्योराण
रेवाड़ी के धारूहेड़ा स्थित कार्मल कान्वेंट स्कूल के वार्षिक खेल दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची युवा क्रिकेटर अदिति श्योराण ने विद्यार्थियों को खेल के मैदान और जीवन में सफलता के मंत्र दिए। चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकीं अदिति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को पढ़ाई और खेलकूद में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
अदिति ने बताया कि कैसे उन्होंने केवल 15 साल की उम्र में स्टेट, नेशनल और बीसीसीआई स्तर की प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रतियोगिताओं में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने इंटर स्कूल अंडर-17 गर्ल्स क्रिकेट प्रतियोगिता में 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाने और अच्छी गेंदबाजी का भी जिक्र किया। अदिति ने कहा, “यह सब संभव हो पाया परिवार के सहयोग से।” उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर लड़की यह कर सकती है, बस जरूरत है सही मार्गदर्शन और समर्थन की।
इस अवसर पर अदिति ने बच्चों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। अदिति के अनुसार, “सपने उन्हीं के सच होते हैं जो कड़ी मेहनत करते हैं। खेल सिर्फ मेडल दिलाना नहीं सिखाता, बल्कि यह जीवन में कड़ी मेहनत, एकजुटता और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाता है।”
चंडीगढ़ की कार्मल कान्वेंट स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा अदिति ने कम उम्र में ही अपनी मेहनत और लगन से खेल की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन की क्रिकेट अकादमी में लड़कों के साथ खेलकर भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि अदिति श्योराण ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में अदिति श्योराण से ऑटोग्राफ लेने के लिए जबरदस्त उत्साह देखा गया। महिलाओं ने भी अदिति से बातचीत कर अपने बच्चों को खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। अदिति श्योराण को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस समारोह पर सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी उन्हें 15 अगस्त को स्टेट अवार्ड से नवाजा, जिससे वे यह पुरस्कार हासिल करने वाली चंडीगढ़ की सबसे युवा क्रिकेटर बन गईं।
