जान का खतरा: अभय चौटाला की Z+ सुरक्षा मांग पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
चंडीगढ़: इनेलो के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार से Z+ या Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। चौटाला ने अपनी याचिका में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों से मिल रही धमकियों के कारण उनकी जान को गंभीर खतरा है, खासकर INLD प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हालिया हत्या के बाद यह खतरा और बढ़ गया है।
चौटाला ने आरोप लगाया है कि उन्होंने राज्य सरकार को कई बार इन गंभीर धमकियों के बारे में सूचित किया है, लेकिन सरकार ने किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि न तो सुरक्षा मूल्यांकन समिति का गठन किया गया, न ही कोई सुरक्षा आकलन हुआ और न ही उन्हें कोई तात्कालिक सुरक्षा प्रदान की गई, जबकि खतरा तत्काल, गंभीर और बढ़ता हुआ है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि नफे सिंह राठी की हत्या के मामले में लगातार गिरफ्तारियों की मांग और इस मामले की सीबीआई जांच की पैरवी के बाद उनकी सुरक्षा जोखिम में और वृद्धि हुई है। चौटाला ने 27 फरवरी 2024 को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठाया था और अगले दिन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
चार बार के विधायक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के पौत्र अभय चौटाला की राजनीतिक सक्रियता का भी याचिका में विवरण दिया गया है। इसमें वर्ष 2000 से उनकी निरंतर राजनीतिक भूमिका, ऐलनाबाद से कई बार की चुनावी जीत, किसान आंदोलन और राठी हत्याकांड में उनकी सक्रिय सहभागिता का जिक्र है।
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर 16 दिसंबर तक जवाब तलब किया है। अदालत इस बात पर गौर करेगी कि क्या याचिकाकर्ता को उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है या नहीं।
