प्रेम विवाह का दुखद अंत: प्रेमी युगल ने सरायकेला में दी जान, गांव में मातम
गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के धरहरा कलां गांव से ताल्लुक रखने वाले एक प्रेमी युगल ने झारखंड के सरायकेला में प्रेम विवाह के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दीपक और आरती की प्रेम कहानी का दुखद अंत हुआ, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। दोनों का पार्थिव शरीर शनिवार को जब गांव पहुंचा, तो परिजनों के रो-रोकर बुरे हाल थे और पूरा इलाका मातम में डूब गया।
सूत्रों के अनुसार, दीपक प्रजापति उर्फ दीपू और आरती की प्रेम कहानी करीब तीन साल पहले शुरू हुई थी। दीपक की मुलाकात अपने ननिहाल निमी में रहने के दौरान आरती से हुई थी। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, जिसके कारण उनके परिवारों ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया।
परिजनों की लाख मनाही के बावजूद दोनों मिलते रहे। मामला तब और गंभीर हो गया जब लड़की पक्ष ने फतेहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दीपक को जेल भी जाना पड़ा। जेल से रिहा होने के बाद, दोनों ने घर छोड़ दिया और एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। जीवन यापन के लिए उन्होंने सरायकेला की एक कंपनी में साथ काम करना शुरू कर दिया, लेकिन दुखद है कि उनके परिवारों ने इस विवाह को स्वीकार नहीं किया।
बीते 21 नवंबर को, आरती ने अपने कमरे में फंदे से झूलकर अपनी जान दे दी। जब दीपक काम से लौटा और उसने अपनी पत्नी को फंदे पर लटका देखा, तो वह गहरे सदमे और दुख में डूब गया। उसने पहले दोनों परिवारों को इस घटना की सूचना दी।
इसके बाद, दीपक ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने आरती पर आए तनाव और पारिवारिक दबाव का जिक्र किया। उसने अपनी पीड़ा व्यक्त की और संभवतः इसी दुख में उसने भी उसी कमरे में उसी तरह अपनी जान दे दी।
शनिवार को जब दोनों का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां का माहौल अत्यंत मार्मिक था। परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, गांव वालों ने मिलकर दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया, जो इस प्रेम कहानी के दुखद अंत का प्रतीक बन गया। इस घटना ने प्रेम विवाह और सामाजिक बंधनों के बीच की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर सामने ला दिया है।
