पराली जलाने पर किसान पर ₹2500 का जुर्माना, प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई के आदेश
आजमगढ़ जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकास खंड अतरौलिया में किसान जयराम के खिलाफ पराली जलाने पर ₹2500 का जुर्माना वसूला गया है। यह कार्रवाई एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जनपद में पराली जलाने की घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान, जिला कृषि अधिकारी आशीष कुमार ने अवगत कराया कि उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर के निर्देशानुसार किसान जयराम पर यह जुर्माना लगाया गया है। एडीएम गंभीर सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) से संपर्क कर पराली जलाने से संबंधित सभी प्रकरणों में पुलिस द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में पराली न जलाएं। पराली जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरता कम होती है, बल्कि वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जिसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह कदम किसानों को जागरूक करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को समझने के लिए उठाया गया है।
हाल के दिनों में, विभिन्न राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते सरकार और प्रशासन सख्त कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। हरियाणा, जालौन और पंजाब जैसे राज्यों से भी ऐसी खबरें आई हैं जहाँ पराली जलाने वाले किसानों पर भारी जुर्माना लगाया गया है और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई है। पंजाब में तो रिकॉर्ड संख्या में खेत जलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या और विकट हो गई है। आजमगढ़ प्रशासन की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य किसानों को जागरूक कर पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
